Wednesday, 2 November 2016

हैंडहेल्ड मशीनें खराब, कंडक्टरों की चांदी

-पूरे किराए के टिकट न देकर रोडवेज को लगा रहे चूना
-30 नवंबर तक सारी मशीनों की मरम्मत कराने के निर्देश
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ: दक्षिण अफ्रीकी कंपनी में काम करने वाले विनय व लखनऊ के निशातगंज में रहने वाले आशीष मंगलवार को एसी बस से इलाहाबाद से लखनऊ के लिए रवाना हुए। कंडक्टर से टिकट मांगा तो 313 रुपये देने पर दस रुपये तक कीमत वाला एक टिकट पकड़ा दिया गया। सवाल पूछा तो जवाब मिला, यही टिकट मिलेगा, समझे। स्पष्ट था कि कंडक्टर रोडवेज के 303 रुपये को चूना लगा रहा था। हैंडहेल्ड मशीनें खराब कर यह गोरखधंधा चल रहा है और कंडक्टरों की चांदी हो गयी है।
रोडवेज में कंडक्टरों की अराजकता रोकने के लिए हैंडहेल्ड मशीनें दी गयी थीं। इनमें दूरी के साथ किराया भी तय होता है और उतने किराए की ही छपी हुई टिकट निकलती है। विनय व आशीष से हुई घटना सामने आने पर पता चला कि कंडक्टरों ने ज्यादातर हैंडहेल्ड मशीनें खराब कर दी हैं। इसके बदले उन्हें अलग-अलग सीमा की छपी-छपाई टिकटें दी गयी हैं। इन्हीं टिकटों में वे गोलमाल करते हैं। इलाहाबाद से लखनऊ की उक्त सेवा के कंडक्टर ने तो हद कर दी और सिर्फ दस रुपये की अधिकतम सीमा वाली टिकट दे दी। अन्य रूट्स पर किराये से नीचे वाली सीमा का टिकट देकर कंडक्टर भारी धनराशि बचाते हैं।
कंडक्टरों की इस हरकत से हर माह रोडवेज को लाखों रुपये का चूना लग रहा है किन्तु अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। इलाहाबाद से लखनऊ की उक्त बस यात्रा के दौरान विनय व आशीष ने इलाहाबाद की क्षेत्रीय प्रबंधक से फोन पर शिकायत की तो उन्होंने कह दिया कि आप कंडक्टर को अपना नाम पता लिखा दीजिये, 313 रुपये का बिल लेटर हेड पर लिखकर आपको कूरियर कर देंगे। इस संबंध में रोडवेज महाप्रबंधक एचएस गाबा ने स्वीकार किया कि कुछ हैंडहेल्ड मशीनें खराब होने से ये दिक्कत आ रही है। इस संबंध में कंपनी से बात कर ली गयी है। 30 नवंबर तक सारी मशीनों की मरम्मत सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने कंडक्टरों द्वारा अराजकता व भ्रष्टाचार की जांच कराने की बात भी कही।

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