Monday, 24 October 2016

सरकारी विभागों में इंटर्नशिप, एकेटीयू की फेलोशिप


-बीटेक व एमबीए के विद्यार्थियों को मिलेंगे अतिरिक्त अवसर
-जिलाधिकारी से होंगे संबद्ध, अनुभव व अन्वेषण से नए प्रयोग
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ: प्रदेश के इंजीनियरिंग व प्रबंधन संस्थानों से बीटेक व एमबीए करने वाले विद्यार्थियों को सरकारी विभागों में इंटर्नशिप के मौके दिये जाएंगे। प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इन विद्यार्थियों को एकेटीयू से फैलोशिप दिलाने का फैसला भी किया है।
प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेजों से बीटेक या एमबीए कर रहे विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए अभी निजी कंपनियों के सहारे रहना पड़ता है। अब तक देखा गया है कि यह इंटर्नशिप बहुत प्रभावी भी नहीं होती है। अब सरकार ने इन विद्यार्थियों को सरकारी विभागों व जिला प्रशासन के साथ इंटर्नशिप करने के मौके देने का फैसला किया है। इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों को डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) द्वारा फेलोशिप भी दी जाएगी। इंटर्नशिप के लिए चयनित विद्यार्थियों को जिलाधिकारी के साथ संबद्ध किया जाएगा। उनके विषय व रुचि के अनुरूप कार्य आवंटन कर उनके सुझाव सहेजे जाएंगे। शोधार्थियों के अनुभवों व अन्वेषणों के आधार पर क्षेत्र के नवीन प्रयोग किये जाएंगे।
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हर जिले में इनोवेशन हब
प्रदेश में प्राविधिक शिक्षा विभाग नवीन प्रयोगों व शोधों को प्रोत्साहित करने के लिए इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन कार्यक्रम संचालित कर रहा है। गांव के किसान से लेकर युवाओं तक तमाम चौंकाने वाले प्रयोग करते हैं किन्तु वे प्रयोग अनछुए रह जाते हैं। प्रदेश सरकार ने ऐसे जमीनी शोध से जुडऩे को हर जिले में कलाम इनोवेशन हब की स्थापना का फैसला लिया है। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समिति इसका संचालन सुनिश्चित करेगी और इसकी कमान जिले में संचालित सरकारी इंजीनियरिंग कालेज या राजकीय पॉलीटेक्निक के प्राचार्य को सौंपी जाएगी। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने इस पर अमल के लिए सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी किये हैं। उनसे हर माह बैठक कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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इनोवेशन कोष से मदद
प्रमुख सचिव (प्राविधिक शिक्षा) मोनिका एस गर्ग ने बताया कि लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों में उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्तर पर स्थापित कलाम इनोवेशन हब क्षेत्र में चल रही अनूठी शोधपरक गतिविधियों को चिह्नित करेंगे, ताकि उन्हें राज्य स्तर पर उपलब्ध इनोवेशन कोष से वित्तीय सहायता दी जा सके। नियोजन विभाग ने इसके लिए अलग से राज्य इनोवेशन कोष की स्थापना की है। तकनीकी मार्गदर्शन, टेस्टिंग सुविधाओं तथा प्रयोगशालाओं के उपयोग के लिए उन्हें एचबीटीयू कानपुर, एमएमएमयूटी गोरखपुर व यूपीटीटीआइ कानपुर इनोवेशन एण्ड इन्क्यूबेशन सेंटर्स से जोड़ा जाएगा।
(17/10/16)

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