Monday, 24 October 2016

पुलिस ने मांगा ड्यूटी डॉक्टरों का ब्यौरा

-दीपावली में सुरक्षा अलर्ट के साथ अस्पतालों पर भी नजर
-बर्न यूनिट व इमरजेंसी के नंबर भी रहेंगे थानाध्यक्षों के पास
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ: दीपावली के मद्देनजर सुरक्षा अलर्ट के साथ पहली दफा पुलिस ने अस्पतालों पर भी नजर रखने का फैसला किया है। गृह विभाग ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से अस्पतालों के ड्यूटी डॉक्टरों के साथ इमरजेंसी व बर्न यूनिट आदि का भी ब्यौरा मांगा है।
त्योहारों पर गृह विभाग की ओर से पुलिस-प्रशासन के लिए हर बार सामान्य अलर्ट जारी किया जाता है। अभी तक इस अलर्ट में पुलिस सक्रियता के साथ अपराधियों की धरपकड़, गुंडा एक्ट जैसी कार्रवाई आदि का जिक्र होता था। इस बार दीपावली से पूर्व गृह विभाग द्वारा सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों के लिए जारी अलर्ट में किसी आपात स्थिति में उपचार को महत्व देते हुए बदलाव किया गया है। सभी पुलिस प्रमुखों से अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व मेडिकल कालेज होने की स्थिति में, वहां के प्राचार्यों से समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। गृह विभाग का तर्क है कि दीपावली में पटाखे जलने या अन्य किसी आपात स्थिति में अस्पतालों में सावधानी की जरूरत होती किन्तु कई बार उसमें लापरवाही की बात सामने आ जाती है। इसीलिए इस बार रूटीन अलर्ट में यह बदलाव किया गया है।
दीवाली 30 अक्टूबर को है, इसलिए 29 अक्टूबर से ही सक्रियता बरतने के निर्देश दिये गए हैं। सभी जिला पुलिस प्रमुखों से जिला पुरुष व महिला चिकत्सालयों के अलावा मंडल स्तरीय व अन्य बड़े संयुक्त चिकित्सालयों में ड्यूटी डॉक्टरों की तैनाती का पूरा ब्यौरा देने को कहा गया है। सामान्य ड्यूटी के अलावा इमरजेंसी व ट्रामा में तैनात चिकित्सकों की पूरी जानकारी और उनके फोन नंबर जुटाने को भी कहा गया है। दीपावली में आगजनी जैसी घटना होने पर लोगों के जलने की स्थिति में उन्हें पहले इमरजेंसी भेजने के बाद बर्न यूनिट स्थानांतरित होने तक का समय बचाने के लिए सीधे बर्न यूनिट भेजने का निर्देश भी दिया गया है। इसके लिए इमरजेंसी व बर्न यूनिट के नंबर भी जुटाने के निर्देश दिये गए हैं। ये सभी नंबर थानाध्यक्षों के पास तक भेज दिये जाएंगे। इसके अलावा एंबुलेंस सेवा मुस्तैद रखने को भी कहा गया है। ग्र्रामीण इलाकों में कोई घटना होने पर पुलिस वहां से घायलों व बीमारों को लेकर सीधे जिला अस्पताल या मेडिकल कालेज पहुंचेगी। इस दौरान थानाध्यक्षों के पास उपलब्ध फोन नंबरों से चिकित्सकों की सूचित कर दिया जाएगा, ताकि मरीज के अस्पताल पहुंचते ही इलाज शुरू हो सके और उसमें विलंब न हो।
(21/10/16)

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