Tuesday, 20 September 2016

गलत दिशा में मुड़े ऑटो, तुरंत दबाएं इमरजेंसी बटन


- प्रदेश के सभी ऑटोरिक्शा में जरूरी होंगे जीपीएसयुक्त फेयर मीटर
- सात महानगरों की बसों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ: आप देर शाम स्टेशन से उतरी हैं। घर के लिए ऑटो किया पर यह क्या? ऑटो तो जानबूझ कर गलत व सुनसान दिशा की ओर मुड़ गया। देखें, आपकी सीट के ऊपर एक इमरजेंसी बटन लगा होगा। उसे तुरंत दबाएं। कुछ ही देर में पुलिस आपके पास होगी। जी हां, परिवहन विभाग यात्रियों की सुरक्षा के लिए कुछ ऐसी ही पहल करने जा रहा है। प्रदेश के सभी ऑटोरिक्शा में इमरजेंसी बटन लगाना अनिवार्य करने की तैयारी है।
परिवहन विभाग ने सभी ऑटोरिक्शा में जीपीएस व जीपीआरएस सिस्टम लगाया जाना अनिवार्य करने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत हर ऑटो में जीपीएस व जीपीआरएस सिस्टम लगाकर उसकी सतत मॉनीटरिंग की जाएगी। ऑटो चालक मनमानी वसूली न कर सकें, इसके लिए फेयर मीटर को जीपीएस व जीपीआरएस प्रणाली से जोड़ दिया जाएगा। हर ऑटो में एक इमरजेंसी बटन लगा होगा, जो जीपीएस प्रणाली के साथ केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जुड़ा होगा। जैसे ही इमरजेंसी बटन दबाया जाएगा, नियंत्रण कक्ष को पता चल जाएगा कि दिक्कत कहां पर है। तुरंत पुलिस को सूचना देकर जीपीएस के माध्यम से ऑटो की लोकेशन का पता कर वहां यात्री को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इससे महिलाएं सर्वाधिक सुरक्षा के साथ निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने प्रदेश के सात महानगरों में बसों को जीपीएस के साथ इमरजेंसी बटन और सीसीटीवी कैमरों से लैस करने की परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा, वाराणसी, मेरठ व इलाहाबाद की बसों सहित सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में जीपीएस व जीपीआरएस सिस्टम लगाया जाएगा। इस ट्रैकिंग सिस्टम के साथ वाहनों में इमरजेंसी बटन तो होगा ही, सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे। इन सब पर भी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के माध्यम से नजर रखी जाएगी। परिवहन आयुक्त के. रविंद्र नायक ने बताया कि इन दोनों परियोजनाओं पर अमल को प्रक्रियागत कार्रवाई शुरू हो गई है। इनके लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति कर दी गयी है। कोशिश है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक इस पर अमल कर दिया जाए।

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