Tuesday, 23 August 2016

कोषागारों में दूसरे व चौथे शनिवार को छुट्टी का प्रस्ताव

-बैंकों में छुट्टी होने से ट्रेजरी में कामकाज न होने का तर्क
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : बैंकों में महीने में दो शनिवारों को छुट्टी के बाद कोषागारों में भी दूसरे व चौथे शनिवार को छुट्टी का प्रस्ताव किया गया है। शासन स्तर पर जल्द ही इस प्रस्ताव पर फैसला होने की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार का आर्थिक कामकाज 78 कोषागारों से संचालित होता है। इन कोषागारों में अभी सोमवार से शनिवार तक सप्ताह में छह दिन काम होता है। हाल ही में कोषागार निदेशालय ने वित्त विभाग को पत्र भेजकर महीने के दूसरे व चौथे शनिवार को कोषागारों में भी छुट्टी रखने का प्रस्ताव किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि कोषागारों का काम सीधे बैंकिंग से जुड़ा होता है। पहले सभी बैंकों में शनिवार को दोपहर तक काम होता था, ऐसे में कोषागारों को खोलने की उपयोगिता भी थी। अब सभी बैंक माह के दूसरे व चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। इसलिए कोषागारों में इन दो दिनों में कोई काम नहीं होता है। इसी के मद्देनजर कोषागारों में दूसरे व चौथे शनिवार को छुïट्टी की जानी चाहिए। सचिवालय सहित राज्य स्तर के कई कार्यालयों में पहले से शनिवार को अवकाश रहता है। कोषागार कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से शनिवार को अवकाश की मांग भी की जा रही है। प्रस्ताव में कहा गया है कि इससे उनकी आधी मांग भी पूरी हो जाएगी। प्रमुख सचिव (वित्त) राहुल भटनागर भी इस प्रस्ताव से सहमत हैं। उनकी सहमति के बाद कोषागारों में छुट्टी का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजा गया है। जल्द ही इस पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। इस संबंध में कोषागार निदेशक लोरिक यादव ने बताया कि दूसरे व चौथे शनिवारों को कोषागारों में कोई काम नहीं होता है। इन दोनों दिन कोषागार खुलने की कोई उपयोगिता न होने के कारण कोषागार से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी भी छुट्टी की मांग कर रहे थे। इस प्रस्ताव पर अमल के बाद कर्मचारी उत्साहित होंगे और जिसका परिणाम निश्चित रूप से सकारात्मक कार्यशैली के रूप में सामने आएगा।

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