Thursday, 28 July 2016

बाइक पर स्टंट या गाड़ी गलत चलाई तो होगी जेल


-परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम से सख्ती बरतने को कहा गया
-मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाना अपराध के दायरे में
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : सड़कों पर बाइक सवार युवकों को स्टंट करने का मोह अब छोडऩा होगा। परिवहन विभाग ने बाइक पर स्टंट करने या गलत दिशा में गाड़ी चलाने पर सीधे जेल भेजने की चेतावनी दी है। सख्ती का आलम ये है कि सभी एआरटीओ से लक्ष्य पूरे करने के चक्कर में ट्रकों तक सीमित न रहने को कह दिया गया है।
केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन अधिनियम में अराजक ड्राइविंग व सड़क पर दुर्घटना का कारक बनने पर सख्ती किये जाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी इसे अंगीकार किया है। इसमें किसी भी तरह की दुर्घटना का कारण बनने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिये गए हैं। स्पष्ट कहा गया है कि खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने, यातायात नियमों का पालन किये बिना ओवरटेक करने, किसी भी तरह के स्टंट करने पर जेल तक भेजने का प्रावधान है। इसमें छह माह तक सजा हो सकती है। जांच के दौरान देखें कि कोई भी ड्राइविंग लाइसेंस के बिना गाड़ी न चलाएं। 16 साल से कम उम्र के बच्चे बिना गियर की और 18 साल से कम उम्र के बच्चे गियर वाली गाड़ी चलाते दिख जाएं, तो उनके अभिभावकों पर कार्रवाई की जाए। कान में इयरफोन लगाकर या मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने को भी अपराध के दायरे में माना जाएगा। इनके खिलाफ भी खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने के तहत ही कार्रवाई होगी। इसके लिए सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) को निर्देश जारी कर उनसे हर स्तर पर सख्ती बरतने को कहा गया है। अभी राजस्व का लक्ष्य निर्धारित होने के कारण आरटीओ दुपहिया वाहनों या कार चालकों की ओर ध्यान नहीं देते हैं। अब उनसे इस ओर भी सक्रियता बरतने को कहा गया है।
स्कूलों से करेंगे बात
अपर परिवहन आयुक्त वीके सिंह ने बताया कि स्कूली बच्चों को ले जा रहे वाहन चालकों की अराजकता रोकने के लिए सभी जिलों में एआरटीओ स्कूल प्रबंधकों से बात करेंगे। उनसे कहा जाएगा कि गाडिय़ां या तो कुछ पहले निकलवाई जाएं, या लेट होने पर चालकों पर कार्रवाई न की जाए। कई बार लेट होने पर जल्दी स्कूल पहुंचने के चक्कर में भी चालक गड़बड़ी करते हैं। इसके अलावा खतरनाक ड्राइविंग पर अंकुश के लिए अगस्त के पहले सप्ताह में पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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