Wednesday, 20 July 2016

गरीब पिछड़ों की बेटी के ब्याह में मदद होगी समयबद्ध

-आवेदन से स्वीकृति व वितरण तक पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
-मिलेंगे बीस हजार, हर स्तर पर अमल की समय सीमा निर्धारित
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ: गरीब पिछड़ों की बेटी के ब्याह में मदद की घोषणा के बावजूद अफसरों की ढिलाई के कारण हो रहे विलंब पर अंकुश के लिए विभाग ने समयबद्ध कार्ययोजना जारी की है। इस पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद पिछड़े वर्ग के गरीबों को बेटी की शादी के लिए बीस हजार रुपये मिलेंगे।
प्रदेश सरकार ने अप्रैल में पिछड़े वर्ग से जुड़े गरीबों की अधिकतम दो बेटियों की शादी में आर्थिक मदद देने का फैसला किया था। योजना के बाद अफसरों की ढिलाई के कारण अमल न हो पाने की शिकायतें आ रही थीं। इस पर पिछड़ा वर्ग विभाग के सचिव डॉ.हरिओम ने नए सिरे आदेश जारी कर पूरी प्रक्रिया समयबद्ध कर दी है। इसके अनुसार आवेदन से लेकर स्वीकृति व वितरण तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। हर स्तर पर आवेदन के आगे बढऩे व मंजूरी की प्रक्रिया के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गयी है।
यह होगी आय सीमा
आवेदक की आय गरीबी की सीमा के अंतर्गत होनी चाहिए। इसके अनुसार शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये व ग्र्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन व समाजवादी पेंशन पाने वाले आवेदकों को आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। अन्य आवेदकों को आवेदन के समय ही आय प्रमाण पत्र लगाना होगा।
निराश्रित व विकलांग को पहले
आवेदकों को तहसील से जारी जाति प्रमाण पत्र का क्रमांक ऑनलाइन आवेदन पत्र में अंकित करना अनिवार्य होगा। विवाह के लिए पुत्री की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी जरूरी है। पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला व विकलांग आवेदक को वरीयता दी जाएगी।
आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित
आवेदकों को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन विवाह के 90 दिन पहले से 90 दिन बाद तक करना होगा। आवेदन करते समय ही आइएफएस कोड सहित बैंक खाता संख्या भी बतानी होगी, ताकि सीधे खाते में मदद भेजी जा सके। यह आवेदन सीधे खंड विकास अधिकारी व उपजिलाधिकारी के लॉगइन पर दिखेंगे। इन्हें यह आवेदन सात दिन के भीतर अग्र्रसारित करना होगा। उसके बाद 15 दिनों के भीतर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सत्यापन आदि की कार्रवाई पूरी कर लेंगे। आवेदन के 21 दिन तक यह प्रक्रिया पूरी न होने पर अधिकारियों को एसएमएस से याद दिलाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अनुश्रवण समिति बनेगी। 

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