Thursday, 9 June 2016

वित्तीय अराजकता रोकने को मेडिकल कालेजों में ई-टेंडरिंग


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-पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ बढ़ेगी प्रतिस्पर्द्धा
-यूपी इलेक्ट्रानिक्स कॉरपोरेशन बनी नोडल एजेंसी
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश के मेडिकल कालेजों में खरीद-फरोख्त में मनमानी रोकने की पहल हुई है। इसके लिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था तत्काल लागू करने के आदेश हुए हैं। इसके लिए यूपी इलेक्ट्रानिक्स कॉरपोरेशन को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
प्रदेश में इस समय बारह सरकारी मेडिकल कालेज संचालित हैं और तेरहवें की तैयारी शुरू हो गयी है। इन सबमें करोड़ों रुपये खरीद-फरोख्त की जाती है। अभी मेडिकल कालेजों के स्तर पर खरीद-फरोख्त होती है और स्थानीय स्तर पर गोपनीय टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया में मनमानी व वित्तीय अराजकता के आरोप भी लगते रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ.वीएन त्रिपाठी ने बताया कि खरीद-फरोख्त में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए अब सभी मेडिकल कालेजों में ई-टेंडरिंग प्रणाली लागू की जाएगी। इस व्यवस्था से सभी मेडिकल कालेजों व संबद्ध अस्पतालों में चिकित्सकीय उपकरणों व अन्य सामग्री का क्रय होगा। इस ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली को लागू करने के लिए यूपी इलेक्ट्रानिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। अब पूरी टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और महानिदेशालय, कालेज के साथ विभाग की वेबसाइट्स पर पूरा ब्यौरा उपलब्ध रहेगा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया से न सिर्फ खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता आएगी, बल्कि अधिक लोगों की सहभागिता भी हो सकेगी। इससे विभाग को चिकित्सकीय उपकरणों व अन्य सामग्र्री खरीदने में प्रतिस्पर्द्धात्मक दरों के प्रस्ताव मिलेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ गुणवत्ता सुधार के रूप में सामने आएगा। यह प्रक्रिया एक साथ सभी मेडिकल कालेजों में लागू कर दी गयी है। अब कोई भी खरीद-फरोख्त ई-टेंडरिंग के माध्यम से ही की जाएगी।

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