Wednesday, 8 June 2016

कैंपस सेलेक्शन से पीएमएस में डॉक्टरों की भर्ती


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-छह हजार से अधिक चिकित्सकों की कमी होगी दूर
-लोक सेवा आयोग से भर्ती में विलंब का रखा तर्क
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डॉ.संजीव, लखनऊ : प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संवर्ग में डॉक्टरों की कमी और लोक सेवा आयोग से भर्ती में होने वाले विलंब के चलते अब सीधे मेडिकल कालेजों में कैंपस सेलेक्शन से डॉक्टरों की भर्ती की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस आशय के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, ताकि छह हजार से अधिक डॉक्टरों की कमी दूर की जा सके।
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला व मंडलीय अस्पतालों तक इस समय 10,500 डॉक्टर तैनात हैं। मौजूदा स्थिति में ही कम से 16,500 डॉक्टरों की जरूरत है। इसी तरह प्रदेश में 3500 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं, जबकि जरूरत कम से कम दस हजार की है। अभी पीएमएस संवर्ग में चिकित्सकों की भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है। हाल ही में 3200 एमबीबीएस उत्तीर्ण सामान्य चिकित्सकों की भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग ने आवेदन मांगे हैं। आयोग से भर्ती की प्रक्रिया में अत्यधिक समय लगने के कारण अब स्वास्थ्य विभाग ने सीधे कैंपस सेलेक्शन से भर्ती करने का प्रस्ताव किया है। प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अरविंद कुमार ने बताया कि अभी संविदा पर होने वाली भर्तियां तो सीधे इंटरव्यू से हो जाती हैं, किंतु स्थायी भर्तियों के लिए लोक सेवा आयोग का सहारा रहता है। इस कारण विलंब से डॉक्टरों की कमी समाप्त ही नहीं हो रही है। ऐसे में तय हुआ है कि एमबीबीएस या एमडी-एमएस के अंतिम वर्ष में स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित कालेज में जाकर सीधे कैंपस में ही सेलेक्शन करे और नए डॉक्टरों को ऑफर लेटर देकर आए। बिहार व पंजाब सहित कई राज्य इस पर सफलतापूर्वक अमल कर चुके हैं। इसके लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय में अलग प्रकोष्ठ का प्रस्ताव है। वित्त, चिकित्सा शिक्षा व कार्मिक विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्ताव पर सहमति ली गयी है। जल्द ही पूरा प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष लाया जाएगा।
बदलेगी सेवा नियमावली
लोक सेवा आयोग से भर्ती होने की स्थिति में भी वरिष्ठता पर कई बार विवाद की स्थिति बनती है। इस प्रक्रिया में भी वरिष्ठता व नियुक्ति संबंधी विवाद खड़े होने से इनकार नहीं किया जा रहा है। तय हुआ है कि पीएमएस संवर्ग की सेवा नियमावली में बदलाव कर इस प्रस्ताव को मूर्त रूप दिया जाए। मंत्रिमंडल में इस प्रस्ताव के साथ बदली सेवा नियमावली भी मंजूरी के लिए जाएगी।
कार्मिक विभाग से मांगी राय
इस पूरे मसले पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्मिक विभाग से राय मांगी है। इसमें लोक सेवा आयोग के माध्यम से पूरी तरह भर्ती बंद करने या स्थायी रूप से सीधी भर्ती के साथ दोनों विकल्प खुले रखने का विकल्प भी दिया गया है। दोनों विकल्पों की स्थिति में वरिष्ठता क्रम सुनिश्चित करने का सुझाव भी मांगा गया है। इसके लिए उच्च व सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का अध्ययन करने की बात कही गयी है।

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