Wednesday, 15 June 2016

निजी आयुष कालेजों में प्रवेश सरकारी परीक्षा से


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-सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन ने दिये निर्देश
-बीएचएमएस, बीएएमएस व बीयूएमएस पर हुआ फैसला
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : 'नीट' से निजी मेडिकल कालेजों में प्रवेश के बाद अब आयुष विधाओं आयुर्वेदिक, यूनानी व होम्योपैथी के निजी कालेजों पर भी लगाम कसने की तैयारी है। सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआइएम) ने सरकारी कालेजों के लिए प्रस्तावित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही निजी कालेजों में प्रवेश के निर्देश दिये हैं।
प्रदेश में होम्योपैथी के तीन, आयुर्वेद के बीस व यूनानी के दस कालेज निजी क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। इनमें कुल मिलाकर दो हजार से अधिक सीटें हैं। अभी तक ये कालेज अपनी प्रवेश परीक्षाएं स्वयं कराकर सीधे प्रवेश ले लेते थे। इस वर्ष चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में शुचिता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुई मुहिम का असर आयुष विधा के निजी कालेजों पर भी पड़ा है। सीसीआइएम ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इन कालेजों द्वारा मनमाने ढंग से प्रवेश पर रोक लगा दी है। अब इन्हें राज्य स्तर पर प्रस्तावित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही प्रवेश लेने होंगे।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ.अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि  सरकारी आयुर्वेदिक, होम्योपैथी व यूनानी कालेजों के लिए अलग से संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा कराने वाले विश्वविद्यालय के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। सीसीआइएम के सचिव पीआर शर्मा ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि शैक्षिक सत्र 2016-17 में निजी कालेजों में सरकारी कालेजों के लिए प्रस्तावित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के अलावा किसी अन्य माध्यम से एक भी प्रवेश अनुमन्य नहीं होंगे। सीसीआइएम के फैसले के अनुरूप निजी कालेजों में बीएचएमएस, बीएएमएस व बीयूएमएस कक्षाओं में प्रवेश इसी परीक्षा से होंगे। परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश भी सरकारी कालेजों के लिए होने वाली परास्नातक प्रवेश परीक्षा से ही होंगे।
अगले साल से 'नीट'
सीसीआइएम ने स्पष्ट किया है कि राज्य स्तर पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा की व्यवस्था सिर्फ शैक्षिक सत्र 2016-17 के लिए ही है। अगले साल से आयुष विधा के कालेजों में भी प्रवेश नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंटरेंस टेस्ट ('नीट') के माध्यम से होंगे। इसके लिए हुई आयुष मंत्रालय की बैठक में  कहा गया है कि भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में अध्ययन के लिए पूरे देश से मेधावी छात्र-छात्राओं को आकर्षित करने के लिए 'नीट' प्लेटफार्म का प्रयोग जरूरी हैं। अगले साल से 'नीट' की रैंकिंग के आधार पर ही इन कालेजों में प्रवेश हुआ करेंगे।  

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