Tuesday, 14 June 2016

कोषागार महकमे ने मांगे 398 अफसर


----
- पहले से खाली 250 रिक्त पद भरने की भी हुई मांग
- काम बढऩे के बावजूद नए पद सृजित न होने का तर्क
----
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : कोषागार विभाग ने कामकाज बढऩे का हवाला देकर प्रदेश सरकार से 398 अफसर मांगे हैं। इसके अलावा विभाग के रिक्त पद भरने की मांग भी की गयी है। वित्त विभाग इन पदों के सृजन पर विचार कर रहा है।
कोषागार विभाग से जुड़े 78 कोषागारों के माध्यम से दस लाख पेंशनरों को पेंशन सीधे उनके खातों में भेजी जाती है। विभाग में समयबद्ध पदोन्नति न होने से 250 से अधिक पद खाली हैं। इस बीच बेसिक शिक्षा विभाग व पावर कारपोरेशन व अन्य बिजली कंपनियों से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की पेंशन भी कोषागार के माध्यम से जाने लगी है। परिवहन विभाग के कर्मचारी भी कोषागार से पेंशन दिलाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में कोषागार निदेशालय ने काम बढऩे और नए पद न सृजित होने का तर्क देकर 398 अफसर मांगे हैं। इस बाबत वित्त विभाग को भेजे गए प्रस्ताव में 243 नए ट्रेजरी अफसर, 77 वरिष्ठ ट्रेजरी अफसर, 58 चीफ ट्रेजरी अफसर व 20 वित्त नियंत्रक स्तर के अधिकारी भर्ती करने की मांग की गयी है। वित्त विभाग में इस प्रस्ताव का परीक्षण चल रहा है। जल्द ही इस पर फैसला होने की उम्मीद है।
कोषागार विभाग के अपर निदेशक एके मौर्य के मुताबिक कोषागारों के कर्मचारियों व अधिकारियों पर काम लगातार बढ़ता जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग सहित पूरे शिक्षा विभाग के बाद अब बिजली विभाग की पेंशन बांटने का जिम्मा भी कोषागार ने संभाल लिया है। पावर कारपोरेशन के बाद कई अन्य निगम भी शासन पर कोषागार से पेंशन वितरण का दबाव बना रहे हैं। इसके अलावा समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण विभागों से जुड़ी छात्रवृत्ति, पेंशन व अनुदान योजनाओं में भी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर सीधे खाते में धन भेजने का नियम बन गया है। इन योजनाओं में हर वर्ष औसतन चार करोड़ लाभार्थियों के खाते में सीधे धन भेजा जाता है। यह काम भी कोषागार के जिम्मे आ गया है। इस कारण पुराने खाली पद भरने व नए पद सृजित करना जरूरी हो गया है।
----

No comments:

Post a Comment