Sunday, 29 May 2016

नई पेंशन को शिक्षा विभाग में मशक्कत


-किसी पेंशन योजना से नहीं जुड़े 50 हजार से अधिक शिक्षक
-17 हजार पुलिस वालों को भी नहीं मिल रही सामाजिक सुरक्षा
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : नयी पेंशन योजना से अधिकाधिक कर्मचारियों को जोडऩे के लिए वित्त विभाग ने सबसे पहले शिक्षा विभाग में मशक्कत शुरू करने का फैसला लिया है। अगले माह शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ वित्त विभाग के अफसर बैठक करेंगे।
उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल 2005 के बाद सेवा में आए सभी कर्मचारियों के लिए नयी पेंशन योजना लागू की गयी है। इसमें दस फीसद अंशदान कर्मचारी के वेतन से लेने और दस फीसद ही राज्य सरकार की ओर से जमा किये जाने का प्रावधान है। एक अप्रैल के बाद सेवा में आने वाले राज्य सरकार के 3.72 लाख कर्मचारियों में से अब तक महज 2.72 लाख कर्मचारी ही इसके दायरे में आ सके हैं। इस तरह एक लाख राज्य कर्मचारी अभी पेंशन योजना से जोड़े जाने हैं। इनके अलावा स्वायत्त व अन्य संस्थानों के कर्मचारी भी हैं। हालात ये हैं कि विभिन्न विभागों के एक लाख कर्मचारियों का पंजीकरण भी नयी पेंशन योजना के लिए हो चुका है किंतु उनके अंशदान जमा होने शुरू नहीं हुए हैं।
अब सरकार ने अगले एक साल में नयी पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर पांच लाख करने का फैसला किया है। प्रमुख सचिव (वित्त) राहुल भटनागर ने इसके लिए विभागीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने के निर्देश दिये हैं। नयी पेंशन योजना से जुड़ाव के मामले में शिक्षा विभाग सबसे पीछे है। बेसिक शिक्षा विभाग के 43,146 व माध्यमिक शिक्षा विभाग के 11,013 कर्मचारी अब तक पेंशन के दायरे में नहीं आ सके हैं। शिक्षकों के बाद पुलिस विभाग के 17,192 कर्मचारी भी सामाजिक सुरक्षा की इस महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा नहीं बन सके हैं। वित्त सचिव अजय अग्रवाल ने बताया कि नई पेंशन योजना से जोडऩे के लिए विभागवार सक्रियता बढ़ाई जाएगी। जिला स्तर पर कार्यशालाएं तो होंगी ही, केंद्रीय स्तर पर अभियान चलाने की पहल भी हो रही है। सबसे पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ वित्त विभाग के अधिकारी बैठक करेंगे। अगले माह प्रस्तावित इस बैठक में हर शिक्षक को पेंशन योजना से जोडऩे के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके बाद इसी तर्ज पर पुलिस अधिकारियों व पंचायती राज सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को बुलाकर पेंशन योजना से सभी कर्मचारियों को जोडऩे की मुहिम चलाई जाएगी।

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