Monday, 18 April 2016

पूर्वदशम् छात्रवृत्ति को 15 मई तक पंजीकरण कराएं संस्थान

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- पिछड़े वर्ग की नयी नियमावली का शासनादेश जारी
- अगले साल से 15 अप्रैल तक दर्ज कराना होगा नाम
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : पिछड़े वर्ग के नौवीं व दसवीं के विद्यार्थियों को पूर्वदशम् छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए संबंधित संस्थानों को 15 मई तक मास्टर डेटाबेस में अपना पंजीकरण कराना होगा। अगले साल से सभी को 15 अप्रैल तक ही नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
बीती 30 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर 'उत्तर प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग पूर्वदशम् छात्रवृत्ति नियमावली 2016' के शासनादेश के अनुसार शासकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त या निजी शिक्षण संस्थानों को हर वर्ष 15 अप्रैल तक मास्टर डेटाबेस में अपना पूरा ब्योरा दर्ज कराना होगा। इसमें संस्थान का नाम, मान्यता की तिथि व वैधता सीमा, स्वीकृत पाठ्यक्रम, वर्गवार स्वीकृत सीटों की संख्या आदि ऑनलाइन भरनी होगी। मास्टर डेटाबेस में निर्धारित तिथि तक सम्मिलित होने वाले संस्थानों के छात्र-छात्राएं ही छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। नियमावली लागू होने के बाद पहला वर्ष होने के कारण सिर्फ 2016-17 के लिए 15 मई तक समय दिया गया है। मास्टर डेटाबेस में हर साल सिर्फ वही शिक्षण संस्थान शामिल हो सकेंगे, जिनकी मान्यता व संबद्धता 31 मार्च तक हो चुकी हो। 31 मार्च के पश्चात मान्यता वाले अगले साल शामिल होंगे।
मिलेगी तीन गुना छात्रवृत्ति
कक्षा नौ व दस में पढऩे वाले पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को अभी 750 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति मिलती थी। अब इन्हें दस माह के लिए 150 रुपये प्रति माह और वार्षिक तदर्थ अनुदान के रूप में 750 रुपये मिलाकर वार्षिक 2250 रुपये का एकमुश्त भुगतान होगा। तीस हजार रुपये आय सीमा को बढ़ाकर दो लाख रुपये वार्षिक कर दिया गया है। जिन बच्चों के माता-पिता जीवित नहीं हैं, उन सभी को छात्रवृत्ति मिलेगी। तहसील से जारी आय व जाति प्रमाण पत्र में अंकित निवास विवरण के आधार पर ही छात्रवृत्ति दे दी जाएगी।
सरकारी स्कूलों से शुरुआत
छात्रवृत्ति वितरण के लिए शिक्षण संस्थानों का वरीयता क्रम भी निर्धारित कर दिया गया है। इसमें पहले नवीनीकरण वाले यानी दसवीं के विद्यार्थियों को, फिर नौवीं के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलेगी। सबसे पहले सरकारी स्कूलों, इसके बाद सहायता प्राप्त और फिर धन बचने पर निजी विद्यालयों के बच्चों को छात्रवृत्ति मिलेगी। बजट की राशि का वितरण 'ए' से 'जेड' तक 'अल्फाबेटिकल' क्रम में किया जाएगा। एक ही क्रम होने पर अधिक आयु वाले विद्यार्थी को वरीयता मिलेगी। यह भी समान होने पर पहले पंजीकरण कराने वाले को ऊपर रखा जाएगा।

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