Wednesday, 30 March 2016

दवा संकट से निपटने को एक साथ खरीद की तैयारी

-यूपीडीपीएल के जीर्णोद्धार को मंत्रिमंडल की हरी झंडी
-कॉरपोरेशन बनाकर दवाओं की खरीद-फरोख्त का जिम्मा
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : सरकारी अस्पतालों में दवाओं का संकट होने और समय पर खरीदारी न हो पाने जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार एक साथ दवा खरीद की तैयारी कर रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश ड्रग एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड (यूपीडीपीएल) को प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन बनाया जाएगा। बुधवार को मंत्रिमंडल ने यूपीडीपीएल के जीर्णोद्धार को हरी झंडी दे दी।
यूपीडीपीएल की स्थापना लखनऊ में दवा निर्माण के एक सरकारी प्रतिष्ठान के रूप में हुई थी। बीते कुछ वर्षों से यह प्रतिष्ठान मरणासन्न है। बुधवार को जीर्णोद्धार के फैसले के बाद अब यहां दोबारा दवाओं का उत्पादन शुरू किया जाएगा। दवा उत्पादन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबर्दस्त प्रतिस्पद्र्धा है, इसलिए यहां प्रारंभिक रूप से जरूरी 12 जीवनरक्षक दवाइयां बनाकर उनकी आपूर्ति प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में की जाएगी। दवा बनाने के अलावा यूपीडीपीएल को दवाओं की खरीदफरोख्त के लिए प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन के रूप में भी विकसित किया जाएगा। तमिलनाडु, राजस्थान व उड़ीसा में दवाओं की खरीद फरोख्त व रखरखाव के लिए अलग निगम बना दिये गए हैं। अभी दवाओं की खरीद का जिम्मा स्वास्थ्य महानिदेशालय के पास है और वहां आए दिन टेंडर से लेकर तमाम गड़बडिय़ों की शिकायतें मिलती रहती हैं। अब खरीद व रखरखाव के लिए अलग से अधिष्ठान हो जाने के बाद ये शिकायतें तो दूर होंगी ही, दवाओं की कमी भी नहीं पड़ेगी। अभी केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की दरों को आधार बनाया जाता है किन्तु अलग अधिष्ठान होने पर प्रतियोगी दरें मिलना भी आसान होगा।
40 एकड़ जमीन में आइटी पार्क
यूपीडीपीएल के पुनरुद्धार के लिए 40 एकड़ जमीन बेची जाएगी। यह जमीन यूपी इलेक्ट्रानिक कॉरपोरेशन को दी जाएगी, जहां आइटी पार्क की स्थापना होगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई गयी है। औद्योगिक विकास आयुक्त इस समिति के उपाध्यक्ष व प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) सदस्य सचिव होंगे। इनके अलावा वित्त, कार्मिक, सार्वजनिक उद्यम, संस्थागत वित्त, चिकित्सा शिक्षा और खाद्य एवं औषधि विभागों के प्रमुख सचिव इस समिति के सदस्य होंगे।

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