Thursday, 31 March 2016

छह यूनानी अस्पतालों के साथ खुलेगा दवा कारखाना


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- 25 करोड़ की योजना को आयुष विभाग से मिली मंजूरी
- राजभवन व सचिवालय में खुलेंगी यूनानी डिस्पेंसरी
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : आयुष विभाग प्रदेश में 50 बिस्तरों वाले यूनानी अस्पतालों की पहल करने जा रहा है। छह जिलों में ये अस्पताल खोले जाएंगे। साथ ही एक यूनानी दवा कारखाना खोलने की भी तैयारी है।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के माध्यम से एलोपैथी से इतर चिकित्सा पद्धतियों होम्योपैथी, आयुर्वेदिक, यूनानी व सिद्धा के साथ योग को बढ़ावा देने की पहल की है। इसके अंतर्गत हर राज्य में आयुष मिशन की स्थापना की गयी है। प्रदेश के आयुष मिशन ने हाल ही में यूनानी पद्धति को बढ़ावा देने के लिये यहां छह अस्पताल खोलने का प्रस्ताव किया था, जिसे मंजूरी मिल गयी है। 50 बेड वाले ये अस्पताल राजधानी लखनऊ के साथ इलाहाबाद, फैजाबाद, आजमगढ़, मेरठ व मुरादाबाद में खोले जाएंगे। इसकी शुरुआत राजधानी लखनऊ से होगी। राजधानी में दो नयी डिस्पेंसरी खोलने को भी मंजूरी मिल गयी है। ये डिस्पेंसरी राजभवन व सचिवालय परिसर में खोली जाएंगी। यहां अन्य विधाओं की डिस्पेंसरी तो हैं किन्तु यूनानी की नहीं। अब वहां इलाज के लिए यूनानी चिकित्सक भी उपलब्ध रहेंगे।
यूनानी दवाओं के निर्माण के लिए भी आयुष मिशन के अंतर्गत दवा कारखाना खोलने का प्रस्ताव किया गया था। राजधानी लखनऊ में यूनानी औषधि निर्माणशाला खोलने को मंजूरी मिल गयी है। यहां बनने वाली दवाओं का उपयोग सरकारी यूनानी कालेजों से संबद्ध अस्पतालों व नए खुलने वाले अस्पतालों में किया जाएगा। इस बाबत कार्ययोजना बना ली गयी है, जिस पर अगले वित्तीय वर्ष में अमल सुनिश्चित किया जाएगा। इन फैसलों पर अमल के लिए राज्य आयुष मिशन ने केंद्रीय आयुष मिशन को 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इसमें से 75 फीसद धनराशि केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी और शेष 25 फीसद धनराशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
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