Friday, 19 February 2016

इतनी जल्दबाजी कि घर से ही करा दिया ज्वाइन


--आयुर्वेद भर्ती घोटाला--
-जांच में अफसरों-कर्मचारियों ने कबूली वसूली नेटवर्क की बात
-कठघरे में आए एक अफसर सेवानिवृत्त, रुके तमाम भुगतान
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ
आयुर्वेद विभाग में फर्जी नियुक्तियों के घोटाले की जांच में अफसरों व कर्मचारियों ने बड़े नेटवर्क की बात कबूली है। पता चला कि एक अफसर तो इतनी जल्दी में था कि उसने घर से ही फर्जी कर्मचारी को ज्वाइन करा दिया।
आयुर्वेद विभाग में फर्जी नियुक्तियों के मामले में शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के इंदिरा भवन स्थित आयुर्वेद निदेशालय में संयुक्त निदेशक जेएस मिश्रा ने कठघरे में आए कार्यालय प्रभारी व दो चिकित्सकों से पूछताछ की। पूरी पूछताछ की वीडियोग्र्राफी भी कराई गयी। निलंबित हो चुके कार्यालय प्रभारी मोहम्मद मियां ने इस मामले में सीधे तौर पर एक चिकित्सा अधिकारी पर अंगुली उठाई है। उनका कहना है कि उक्त चिकित्सा अधिकारी ने ऊपर तक संबंध होने का हवाला देकर उनकी मदद ली। वैसे जांच के दौरान एक अधिकारी ने उक्त कर्मचारी पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर ज्वाइन करने वाले कानपुर के कर्नलगंज निवासी अनूप कुमार सोनकर के बहनोई फतेहपुर जनपद के बिजौली स्थित डिस्पेंसरी के चिकित्सा अधिकारी डॉ.वीरेंद्र सोनकर को भी जांच के लिए बुलाया गया है। वीरेंद्र सोनकर ने ही अनूप के तमाम कागजात वेरीफाई किये थे। सबसे पहले सामने आए सात लोगों के फर्जी नियुक्ति आदेश वाले मामले में गवाही के लिए आए एक अभ्यर्थी ने उन पर आरोप लगाए थे और कहा था कि वे अपने साले का वेतन निकलवाने का दावा कर रहे हैं। सोनकर ने कुछ अन्य लोगों पर वसूली के आरोप लगाए हैं। उधर अनूप की ज्वाइनिंग के समय क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी का काम संभाले डॉ.धनीराम चंचल भी पूछताछ के लिए आए हैं। हाल ही में वे सेवानिवृत्त हुए हैं और इस घोटाले में फंसने के बाद उनके तमाम भुगतान रुक गये हैं। उनसे पूछताछ इसलिए भी हुई क्योंकि उन्होंने ज्वाइनिंग में बेहद जल्दबाजी दिखाई। कार्यालय प्रभारी ने ताबड़तोड़ अनूप को एक डिस्पेंसरी एलॉट करने का ऑर्डर बनाया तो डॉ.चंचल ने घर में बैठकर अनूप की ज्वाइनिंग व अन्य कागजातों पर हस्ताक्षर किया। उनकी यह जल्दबाजी सवालों के घेरे में है।
उरई में लिखाया मुकदमा
आयुर्वेद निदेशक की तहरीर के बाद भी राजधानी लखनऊ की पुलिस भले ही मुकदमा न लिखा उरई में एक मुकदमा कायम करा दिया गया है। मामले में निलंबित चल रहे जालौन के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने उरई कोतवाली में फर्जी ढंग से ज्वाइन करने वाले अनूप सोनकर व उसका साथ देने वालों के खिलाफ मुकदमा कायम कराया है। इसके बाद से अनूप फरार चल रहा है और ड्यूटी पर भी नहीं आया है।

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