Friday, 29 January 2016

स्वास्थ्य विभाग को स्वाइन फ्लू के महामारी बनने का इंतजार!


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-23 मरीज मिल चुके, मेडिकल कालेजों में नहीं शुरू हुआ परीक्षण
-न कर्मचारियों की वैक्सीन आयीं, न किट मिली
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 23 मरीज मिल चुके हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण को लेकर गंभीर नहीं है और इसके सूबे में महामारी बनने का इंतजार किया जा रहा है। मेडिकल कालेजों में परीक्षण शुरू नहीं हुआ है। कर्मचारियों के लिए जरूरी वैक्सीन व किट भी अब तक नहीं आयी हैं।
स्वाइन फ्लू जैसी जानलेवा बीमारी को लेकर स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है। बीते दिनों लखनऊ व कानपुर में एक-एक मरीज का पता चलते ही सभी मेडिकल कालेजों व हर जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाकर स्वाइन फ्लू से निपटने की घोषणाएं की गयी थीं। इसके बाद अब तक इस दिशा में कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। शुक्रवार को औपचारिकता के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक ने प्रांतीय टास्क फोर्स की बैठक भी बुलाई किन्तु उसमें कोई ठोस फैसला नहीं किया जा सका। इस बैठक में हुई चर्चा के दौरान हर कदम पर ढिलाई सामने आयी, किन्तु उससे निपटने की कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गयी। यह स्थिति तब है, जबकि प्रदेश में स्वाइन फ्लू तेजी से बढ़ रहा है। अब तक 23 मरीजों में स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हो चुकी है।
प्रदेश के छह मेडिकल कालेजों में स्वाइन फ्लू परीक्षण शुरू करने की बात कही गयी थी, किन्तु एक में भी शुरुआत नहीं हुई है। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में ही स्वाइन फ्लू परीक्षण की व्यवस्था हो सकी है। इसके अलावा स्वाइन फ्लू के लिए वार्ड बनाने की घोषणा तो हो गयी किन्तु उसमें तैनात होने वाले डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों के लिए जरूरी वैक्सीन अब तक नहीं खरीदी जा सकी है। भारत सरकार से मास्क व किट आदि मिलती है किन्तु अब तक उसका इंतजाम भी नहीं हुआ है।  इस कारण आइसोलेशन वार्ड प्रभावी रूप से सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.योगेंद्र कुमार का कहना है कि सभी जिला अस्पतालों में अलग वार्ड बनाना सुनिश्चित किया जा रहा है। दवाएं उपलब्ध करा दी गयी हैं और वैक्सीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ.वीएन त्रिपाठी ने कहा कि छह मेडिकल कालेजों में स्वाइन फ्लू परीक्षण की सुविधा सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसा न करने वाले कालेजों के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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