Sunday, 31 January 2016

शुरू हो गया मेडिकल कालेजों का इलाज


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-एमसीआइ की सख्ती से हो रहा समयबद्ध जीर्णोद्धार
-लगाए जाएंगे आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : वर्षों से बीमार चल रहे प्रदेश के मेडिकल कालेजों का इलाज शुरू हो गया है। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआइ) की सख्ती और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ कदमताल की जरूरत ने इनके समयबद्ध जीर्णोद्धार की राह खोल दी है।
प्रदेश में नए मेडिकल कालेज खुलना शुरू होने के साथ ही पुराने कालेजों के जर्जर हालात पर सवाल भी खड़े हो रहे थे। एमसीआइ के सालाना निरीक्षण में लगभग हर साल आपत्तियां लग रही थीं। इस पर शासन स्तर हर कालेज से जीर्णोद्धार के लिए व्यापक प्रस्ताव मांगे गए। इन प्रस्तावों के अनुपालन में चिकित्सा शिक्षा विभाग की तकनीकी समिति ने व्यापक जीर्णोद्धार को मंजूरी दे दी है। इसमें नर्सिंग व पैरामेडिकल व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। इलाहाबाद, मेरठ, आगरा व कानपुर मेडिकल कालेजों के फार्मेसी व नर्सिंग संस्थानों का जीर्णोद्धार कराने का फैसला हुआ है। इसके साथ पुस्तकालयों को समृद्ध करने पर जोर दिया जा रहा है। इलाहाबाद, मेरठ, झांसी व कानपुर में फायर एलार्म के साथ आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम की स्थापना होगी।
इलाहाबाद के लिए मंजूर 63.12 करोड़ रुपये में 17.71 करोड़ से पुस्तकालय भवन के निर्माण के साथ फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने, गैस पाइप लाइन के उच्चीकरण सहित टेलीमेडिसिन सेंटर को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। मेरठ के लिए मंजूर 31.71 करोड़ रुपये से स्त्री एवं प्रसूति विभाग में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर के साथ बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट व गैस पाइप लाइन का उच्चीकरण किया जाएगा। आगरा मेडिकल कालेज के एसपीएम भवन की मरम्मत के साथ मैकेनाइज्ड लांड्री की स्थापना भी होगी। यहां 29.52 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी मिली। कानपुर मेडिकल कालेज में 23.97 करोड़ रुपये, झांसी में 19.58 करोड़ रुपये व गोरखपुर में 14.62 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला हुआ है। सभी कालेजों के माइक्रोबायलॉजी विभाग में प्रीफैब्रीकेटेड बायोसेफ्टी लैबोरेटरी की स्थापना का फैसला हुआ है। इसके लिए हर कालेज को पांच करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।
बेड से बजेगी घंटी, आएंगी नर्स
कालेजों से संबद्ध अस्पतालों में हर वार्ड में बेड से नर्सिंग स्टेशन को जोडऩे वाले नर्स कॉल सिस्टम को चालू करने का फैसला हुआ है। इसमें मरीज के बेड पर एक स्विच होगा, जिसे दबाते ही नर्सिंग स्टेशन पर घंटी बजने के साथ बेड नंबर के साथ डिस्प्ले आने लगेगा। इसके बाद बेड के पास पहुंचकर नर्स उसे स्विच को ऑफ करेंगी, तभी डिस्प्ले बंद होगा। इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर, झांसी, गोरखपुर मेडिकल कालेजों में तत्काल नर्सिंग कॉल सिस्टम की स्थापना का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ को दिया गया है। हर कालेज के लिए इस मद में दो करोड़ 36 लाख 26 हजार रुपये आवंटित किये गए हैं।
लटकती बोतलें, घिसटते पर्दे
मेडिकल कालेजों में आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के लिए आइवी सिस्टम विद हैंगर की स्थापना की जाएगी। इसमें हर बेड के साथ जुड़े हैंगर होंगे, जिसमें ग्लूकोज आदि की बोतलें लटकाने के इंतजाम होंगे। उनके स्टैंड खिसकाने का झंझट खत्म हो जाएगा। इसी तरह आधुनिक पर्दे लगाए जाएंगे, जो बार-बार धोने नहीं पड़ेंगे। ये घिसटते पर्दे मरीजों को अलग सा एहसास कराएंगे। इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर, झांसी व गोरखपुर मेडिकल कालेजों के लिए इस कर्टेन ट्रैक सिस्टम व आइवी सिस्टम विद हैंगर की स्थापना का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ को सौंपा गया है। हर कालेज में इसकी स्थापना पर औसत खर्च सवा दो करोड़ रुपये आएगा। 

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