Wednesday, 27 January 2016

बिना फीस जमा किये बीटेक करेंगे दिव्यांग


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-बड़ी राहत-
-प्रवेश के समय शुल्क जमा करने से मिलेगी मुक्ति
-कानपुर के डॉ.अंबेडकर इंस्टीट्यूट से शुरुआत
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में दिव्यांग अब बिना फीस जमा किये बीटेक कर सकेंगे। उन्हें प्रवेश के समय शुल्क जमा करने से मुक्ति मिलेगी। इसकी शुरुआत कानपुर के डॉ.अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड से हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात में दिव्यांगों की चिंता किये जाने और वाराणसी में विशेष आयोजन कर दिव्यांगों की मदद करने के बाद देश भर में दिव्यांगों के पक्ष में वातावरण बन रहा है। प्रदेश सरकार भी अब उनकी पढ़ाई का बोझ कम करने में जुट गयी है। दिव्यांगों को बीटेक करने के लिए अब शुरुआत में फीस जुटाने की मशक्कत से निजात दिला दी जाएगी। तय हुआ है कि शुल्क प्रतिपूर्ति के दायरे में आने वाले दिव्यांगों को अब प्रवेश के समय कोई शुल्क नहीं देना होगा। उन्हें सीधे प्रवेश दे दिया जाएगा और उनकी शुल्क प्रतिपूर्ति शासन स्तर पर हो जाएगी। इसकी शुरुआत कानपुर के डॉ.अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड से हो रही है। इसके बाद अन्य सरकारी कालेजों में भी इस योजना के अमल का प्रस्ताव है।
राजकीय इंजीनियङ्क्षरग कालेजों में अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्र-छात्राओं को प्रवेश के समय कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। उन्हें बिना फीस जमा किये, प्रवेश मिल जाता है और बाद में शासन स्तर से उनकी शुल्क प्रतिपूर्ति संबंधित कालेज को कर दी जाती है। दो लाख से कम आय वर्ग वाले परिवारों के सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के माध्यम से उनके द्वारा जमा की गयी फीस वापस मिल जाती है। अभी दिव्यांगों के मामले में यही नियम लागू है। कानपुर के डॉ.अंबेडकर इंस्टीट्यूट की स्थापना ही दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से हुई थी। वहां डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में दिव्यांगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता और शासन से सीधे अनुदान मिलता है। बीटेक पाठ्यक्रम शुरू होने पर वहां अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्र-छात्राओं से तो शुल्क नहीं लिया जा रहा था, पर दिव्यांगों से पूरा शुल्क जमा कराया जा रहा है। प्रमुख सचिव (प्राविधिक शिक्षा) मुकुल सिंघल के मुताबिक अगले शैक्षिक सत्र से शुल्क प्रतिपूर्ति के दायरे में आने वाले दिव्यांगों को भी शुरुआत में कोई शुल्क नहीं देना होगा। वे बिना फीस जमा किये बीटेक करेंगे। इस बाबत आए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है। डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक ने बताया कि इसे अन्य कालेजों में दिव्यांग कोटे से प्रवेश पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी लागू किया जाएगा।

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