Friday, 22 January 2016

इंजीनियरिंग कालेजों में विभागवार होगा आरक्षण


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-दूर होंगे आरक्षण को लेकर भ्रम, तेज होगी भर्ती की प्रक्रिया
-प्रोन्नति व चयन के लिए विभागवार समितियों का हुआ गठन
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ
सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों में अब आरक्षण विभागवार लागू किया जाएगा। प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इस बाबत शासनादेश जारी कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे आरक्षण को लेकर भ्रम दूर होंगे और भर्ती प्रक्रिया तेज की जा सकेगी।
सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों में आरक्षण को लेकर भ्रम की स्थिति लगातार बनी हुई थी। कालेज को एक इकाई मानते हुए आरक्षण की गणना करने पर विरोध होता था और इस कारण मामले अदालत तक पहुंच रहे थे। प्रमुख सचिव (प्राविधिक शिक्षा) मुकुल सिंघल के मुताबिक सीधी भर्ती के शैक्षणिक पदों पर आरक्षण को लेकर जारी इस गतिरोध पर शासनादेश जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी गयी है। प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्थापित व संचालित शिक्षण संस्थाओं के पद आपस में स्थानांतरणीय नहीं हैं। विभिन्न विभागों के पदों पर नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता का पैमाना भी अलग-अलग है। इस दृष्टि से इन संस्थाओं के पदों का समूहीकरण नहीं किया जा सकता। ऐसे में हर संस्था में विभागवार आरक्षण दिया जाएगा। इसमें कुल पदों की संख्या के अनुरूप आरक्षण प्रतिशत के अनुसार आरक्षण अनुमन्य होगा।
प्रमुख सचिव ने बताया कि इससे शिक्षकों की रुकी भर्ती के काम में रफ्तार आएगी। अब विभागवार पदों की गिनती कर तदनुरूप भर्ती शुरू करने के निर्देश दिये गए हैं। लोक सेवा आयोग को उसी के अनुरूप अधियाचन भेजे जा रहे हैं। तमाम कालेजों में प्रोन्नति के लिए समितियां ही नहीं बनी थीं, जिससे प्रोन्नतियां रुकी थीं। अब विभागवार समितियां गठित कर दी गयी हैं। साथ ही इन सभी से समयबद्ध ढंग से प्रोन्नतियां पूरी करने को कहा गया है। वर्तमान शैक्षिक सत्र के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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निदेशकों के लिए चयन समिति
प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल ने बताया कि राजकीय इंजीनियरिंग कालेजों में निदेशकों के पद रिक्त होने के कारण भी तमाम नीतिगत फैसले लेने में दिक्कत आती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चयन समिति गठित कर दी गयी है। यह चयन समिति समयबद्ध ढंग से निदेशकों का चयन करेगी। इससे भी फैकल्टी चयन व अन्य कार्यों में रफ्तार आएगी। 

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