Sunday, 27 December 2015

16 जिलों में आयुष केंद्र सुधारेंगे सेहत


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-आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी पद्धतियों से इलाज
-योग व प्राकृतिक चिकित्सा को भी मिलेगी वरीयता
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्राकृतिक व पुरातन पद्धतियों से सेहत सुधार के लिए राज्य के 16 जिलों में आयुष केंद्र खोलने का फैसला हुआ है। इन केंद्रों में आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी पद्धतियों से इलाज के साथ योग व प्राकृतिक चिकित्सा को भी वरीयता प्रदान की जाएगी।
प्रदेश में एलोपैथी के अलावा अन्य चिकित्सा पद्धतियों से इलाज को बढ़ावा देने के लिए आयुष स्वास्थ्य केंद्र खोलने का फैसला हुआ है। इन स्वास्थ्य केंद्रों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ योगा व प्राकृतिक चिकित्सा पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए यहां विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों की तैनाती के साथ योग शिक्षक व प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ भी तैनात किये जाएंगे। प्रदेश आयुष मिशन की निदेशक कुमुदलता श्रीवास्तव के मुताबिक कुल 17 केंद्रों में से दस आयुर्वेद, चार होम्योपैथी व तीन यूनानी चिकित्सकों की अगुवाई में संचालित होंगे। इस कार्यक्रम के संचालन के लिए जिला स्तर पर किसी समाजसेवी संस्था को भी नामित किये जाने पर विचार चल रहा है। संचालन व नियंत्रण के लिए हर जिले में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी और जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त टीम बनाई जाएगी और धनराशि का आहरण-वितरण भी इनके संयुक्त हस्ताक्षरों से राष्ट्रीयकृत बैंक में खुले खातों से होगा।
राजधानी लखनऊ में ऐसे दो केंद्रों की स्थापना का फैसला हुआ है। गोसाइगंज व इंदिरानगर में आयुष स्वास्थ्य केंद्र खुलेंगे। इसके अलावा मैनपुरी, कन्नौज, चित्रकूट, आजमगढ़, सीतापुर, बस्ती, झांसी व इटावा में आयुर्वेद चिकित्सकों की अगुवाई में आयुष स्वास्थ्य केंद्र खुलेंगे। फतेहपुर के हथगांव, चंदौली, मऊ व सिद्धार्थनगर में आयुष स्वास्थ्य केंद्र खोलने का जिम्मा होम्योपैथी विभाग को सौंपा गया है। इसी तरह रामपुर, बदायूं व श्रावस्ती में यूनानी चिकित्सक आयुष केंद्रों का संचालन संभालेंगे।
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वाराणसी में एकीकृत अस्पताल
आयुष की तीन विधाओं आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी की चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने की भी योजना है। प्रदेश के प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) डॉ.अनूपचंद्र पाण्डेय ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 50 बेड का एकीकृत अस्पताल खोला जाएगा। इसकी शुरुआत वाराणसी से होगी। वहां के राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय प्रांगण में पहला एकीकृत आयुष अस्पताल शुरू किया जाएगा। वहां आयुर्वेद चिकित्सक व अन्य स्टाफ पहले से मौजूद हैं, यूनानी व होम्योपैथी चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की नियुक्ति कर अस्पताल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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