Friday, 27 November 2015

सर्वाधिक एंबुलेंस का बनेगा कीर्तिमान


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-आज 500 एंबुलेंस जनता को सौंपेंगे मुख्यमंत्री
-चार माह में 4500 तक पहुंचा कर होगा आवेदन
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश अब देश ही नहीं दुनिया के किसी एक राज्य में सर्वाधिक एंबुलेंस का रेकार्ड बनाने की तैयारी में है। अगले चार माह में राज्य के सरकारी एंबुलेंस बेड़े को 4500 तक पहुंचाने के बाद स्वास्थ्य विभाग रिकार्ड के लिए आवेदन करेगा। शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 500 नयी एंबुलेंस सूबे के आपात चिकित्सा सेवा बेड़े में शामिल करेंगे।
राज्य में इस समय 102 व 108 नंबर डायल करने पर एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध है। इस समय 102 नंबर सेवा की 1964 और 108 नंबर सेवा की 988 एम्बुलेंस संचालित हो रही हैं। इनके अलावा विभिन्न सरकारी अस्पतालों की अपनी 450 एंबुलेंस हैं। इस तरह मौजूदा समय में प्रांतीय चिकित्सा सेवा से जुड़ी हुई 3402 एंबुलेंस हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को समारोह पूर्वक 500 नई एंबुलेंस डायल 108 सेवा में शामिल करेंगे। मुख्यमंत्री श्रेष्ठ चालकों व इसके प्रबंधन से जुड़े उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित भी करेंगे। इन 500 के साथ डायल 108 सेवा में एंबुलेंस की संख्या 1488 हो जाएगी, वहीं प्रांतीय चिकित्सा सेवा में 3902 एंबुलेंस हो जाएंगी।
इसके साथ ही डायल 102 सेवा में भी 300 और एंबुलेंस को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए जनवरी में खरीद आदेश जारी हो जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों व अन्य सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों में भी डेढ़ सौ एंबुलेंस हैं। एडवांस सपोर्ट सिस्टम की 150 एंबुलेंस सहित अगले चार माह में यानी मौजूदा वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश में एंबुलेंस की कुल संख्या साढ़े चार हजार पार कर जाएगी। प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अरविंद कुमार के मुताबिक एक राज्य में सरकारी क्षेत्र में सर्वाधिक एंबुलेंस उत्तर प्रदेश में हो जाएंगी। इसके बाद औपचारिक रूप से रिकार्ड के लिए आवेदन किया जाएगा।
हर जिले को मिलेंगी दो अत्याधुनिक एंबुलेंस
शासन हर जिले में एडवांस सपोर्ट सिस्टम से लैस दो अत्याधुनिक एंबुलेंस तैनात करने की तैयारी में है। राज्य में इस समय 75 ऐसी एंबुलेंस आ चुकी हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने ऐसी 75 और एंबुलेंस को मंजूरी दे दी है। इसके बाद हर जिले को ये दो-दो एंबुलेंस दे दी जाएंगी। हर एंबुलेंस में वेंटिलेटर, इन्फ्यूजन पम्प, हृदय रोगियों को शॉक देने के लिए जरूरी डीफ्रिडिलेटर सहित तमाम जरूरी उपकरणों के साथ अति प्रशिक्षित कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे। जिन जिलों  में अतिविशिष्टता वाली चिकित्सा सेवाएं नहीं हैं, वहां के गंभीर मरीजों को मेडिकल कालेजों व अतिविशिष्टता वाले अस्पतालों तक ले जाने के काम ये एंबुलेंस आएंगी।
ग्रामीण इलाकों पर जोर
डायल 108 सेवा में 500 और एंबुलेंस जोडऩे के साथ ही प्रदेश में उनके वितरण का फार्मूला भी तय हो गया है। अभी ब्लाक स्तर तक एक, दस लाख से अधिक आबादी वाले जिला मुख्यालयों में चार, दस लाख से कम वाले जिला मुख्यालयों में दो-दो एंबुलेंस हैं। नयी पांच सौ एंबुलेंस में से महानगरों में हर तीन लाख आबादी पर एक, महानगरों की शहरी सीमा से जुड़े इलाकों में ढाई लाख पर एक, महानगरों के ग्र्रामीण क्षेत्र में दो लाख पर एक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पांच लाख पर एक, बड़े जनपदों के शहरी क्षेत्र में ढाई लाख, शहर से जुड़े इलाकों में दो लाख व ग्र्रामीण इलाकों में 1.75 लाख आबादी पर एक, शेष जनपदों के शहरी क्षेत्र में दो लाख व ग्र्रामीण क्षेत्र में डेढ़ लाख आबादी पर एक एंबुलेंस तैनात की जाएगी। 

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