Thursday, 19 November 2015

नई से ज्यादा लंबित योजनाओं पर जोर

--बजट की तैयारी--
-बीते तीन वर्षों में घोषित व रुके काम पूरे करने को वरीयता
-2017 विधानसभा चुनाव से पहले विकास दिखाने का लक्ष्य
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : वित्त विभाग वर्ष 2016-17 के बजट की तैयारियों में लगा है। मुख्य सचिव स्वयं विभागवार विकास एजेंडा को अंतिम रूप दे रहे हैं। वैसे इस बार नई योजनाओं से ज्यादा लंबित योजनाओं को पूरा करने पर जोर रहेगा, ताकि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले कामकाज दिखाई दे।
प्रदेश का बजट सामान्य स्थितियों में सरकार की प्राथमिकताओं का आईना भी होता है। इस बार के बजट के लिए भी तैयारी शुरू हो गयी है। प्रमुख सचिव (वित्त) राहुल अग्रवाल की अगुवाई में वित्त विभाग के अधिकारी तो सक्रिय हैं ही, मुख्य सचिव आलोक रंजन ने स्वयं सीधी कमान संभाल रखी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अलग-अलग विभागों की बैठकें शुरू हो चुकी हैं, जो एक पखवाड़े तक चलेंगी। इन बैठकों में सभी विभागों के विकास एजेंडे की स्थितियों पर चर्चा होती है। बीते तीन वर्षों में घोषित हुए काम किन स्थितियों में हैं, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों व अन्य अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव स्वयं उनका आकलन करते हैं और बचे कामों के बारे में पूरी जानकारी लेते हैं। विभागवार इन अवशेष कामों की सूची बन रही है और माना जा रहा है कि यह अगले बजट का हिस्सा होंगे।
दरअसल, वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव होने हैं। वर्ष 2016-17 का बजट पूरे वर्ष के लिए मौजूदा सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा। ऐसे में सरकार के सामने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में भरपूर विकास दिखाने का भी लक्ष्य है और आगामी बजट उसका जरिया बनेगा। यही कारण है कि इस बार सर्वाधिक जोर लंबित योजनाओं पर है। प्रदेश में मेट्रो, हाईटेक सिटी सहित कई योजनाओं को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी उपलब्धि के रूप में बार-बार गिनाया है, इसलिए बजट में इनके लिए पर्याप्त धन के प्रावधान की तैयारी है। कन्या विद्याधन, लैपटॉप, समाजवादी पेंशन जैसी योजनाओं के लिए भी विस्तार तय माना जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में अधूरे काम पूरे करने को भी इस बार लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। राहुल भटनागर ने बताया कि 30 नवंबर तक सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
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लोकलुभावन घोषणाएं भी
माना जा रहा है प्रदेश सरकार एक से डेढ़ हजार के बीच गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने की पहल करेगी। साथ ही आम आदमी को श्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना की भी तैयारी है। आवास, नगर विकास, स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में कुछ अन्य घोषणाएं भी की जा सकती हैं।

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