Tuesday, 24 November 2015

..ताकि डॉक्टरों के अभाव में मरीज न लौटें

-बिना वैकल्पिक इंतजाम स्वास्थ्य केंद्र नहीं छोड़ सकेंगे डॉक्टर
-प्रमुख सचिव ने जारी किये निर्देश, सीएमओ होंगे जिम्मेदार
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के तमाम चिकित्सक सरकारी ड्यूटी बताकर अस्पतालों से गायब हो जाते हैं। ऐसी तमाम शिकायतों के बाद प्रमुख सचिव ने निर्देश जारी कर बिना वैकल्पिक इंतजाम चिकित्सकों के स्वास्थ्य केंद्र छोडऩे पर रोक लगा दी है। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने को भी कहा है।
प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अरविंद कुमार ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा है कि मरीजों को परेशानी न होने देना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। शासन के संज्ञान में यह तथ्य लाया गया है कि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सक न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने, पोस्टमार्टम ड्यूटी करने या कोई अन्य ड्यूटी बताकर अस्पतालों से गायब हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में अस्पतालों में सन्नाटा हो जाता है और वहां पहुंचने वाले मरीज निराश लौटने को विवश होते हैं। कई बार को इस कारण मरीजों को आसपास किसी झोलाछाप डॉक्टर तक से इलाज कराना पड़ता है, जिससे उनकी जान तक पर बन आती है।
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किसी भी चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल छोडऩे की छूट नहीं होगी। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से पहले वैकल्पिक इंतजाम सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से कहा गया है कि इन चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी सिर्फ विशेष परिस्थितियों में ही कहीं अन्यत्र लगाई जाए। सिर्फ न्यायालय में साक्ष्य के लिए बुलाए जाने पर ही उन्हें स्वास्थ्य केंद्र छोडऩे की छूट होगी, किन्तु इस दौरान संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर वैकल्पिक चिकित्सक तैनात करने की जिम्मेदारी सीएमओ की होगी। ऐसा न होने पर सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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