Wednesday, 28 October 2015

पुराने मेडिकल कालेजों का बदलेगा चेहरा

-पांच कालेजों के जीर्णोद्धार पर खर्च होंगे 105 करोड़ रुपये
-पहले चरण के 25 करोड़ मंजूर, शेष का समयबद्ध भुगतान
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : नए मेडिकल कालेज खोलने के साथ ही राज्य सरकार पुराने मेडिकल कालेजों का चेहरा बदलने की तैयारी कर रही है। इसके अंतर्गत पांच पुराने मेडिकल कालेजों के जीर्णोद्धार पर 105 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे प्रदेश में मेडिकल कालेजों का जाल बिछा रही है। इसके अंतर्गत इस वर्ष जहां सहारनपुर में नया मेडिकल कालेज शुरू हुआ, वहीं अगले शैक्षिक सत्र में बांदा व बदायूं मेडिकल कालेज शुरू किए जाने का प्रस्ताव है। सरकार पुराने मेडिकल कालेजों का भी चेहरा बदलने की तैयारी में भी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कानपुर, आगरा, मेरठ, झांसी व इलाहाबाद मेडिकल कालेजों में 105 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर इनके जीर्णोद्धार व पुनरुद्धार की योजना बनाई है। इसके तहत इन पांच कालेजों के लिए 25 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। शेष 80 करोड़ रुपये समयबद्ध ढंग से जारी कर पुनरुद्धार कार्य पूर्ण करने की बात कही गयी है।
जीर्णोद्धार कार्य के पहले चरण में हर मेडिकल कालेज के लंबित कार्यों को पूरा किया जाएगा। इसके तहत कानपुर मेडिकल कालेज में मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल पर नौ करोड़ 59 लाख खर्च करने के साथ हैलट व संबद्ध अस्पतालों पर कुल 16,71,89,000 रुपये खर्च होंगे। इसी तरह आगरा मेडिकल कालेज में कुल 56,44,20,000 रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। इसमें सात मंजिले भवन के जीर्णोद्धार पर 4.46 करोड़, ओल्ड सर्जरी भवन पर 43.3 करोड़ और पुस्तकालय को एमसीआइ के मानकों के अनुरूप बनाने पर 8.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इलाहाबाद मेडिकल कालेज में प्रस्तावित 20,93,04,000 रुपये में से 9.55 करोड़ परिसर में आवासीय व्यवस्था पर खर्च होंगे। इसके अलावा 33.55 लाख से स्त्री एवं प्रसूति गृह का जीर्णोद्धार करने के बाद शेष राशि से पांच छात्रावासों की जीर्णोद्धार होगा। 4.98 लाख रुपये मेरठ मेडिकल के अस्पताल व 11.24 करोड़ रुपये झांसी मेडिकल कालेज पर खर्च होंगे। 

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