Wednesday, 30 September 2015

नवजात शिशुओं के इलाज पर डॉक्टरों को प्रोत्साहन भत्ता


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-दिसंबर तक प्रदेश में खुल जाएंगी 50 नवजात शिशु रक्षा इकाइयां
-टीकाकरण बढ़ा, अब बच्चों की मौत रोकने को किए जा रहे प्रयास
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश में टीकाकरण की स्थितियां सुधरी हैं और अब बच्चों की मौत रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। बुधवार को राजधानी में स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में नवजात शिशुओं का इलाज करने वाले डॉक्टरों को प्रोत्साहन भत्ता देने का एलान किया गया। साथ ही दिसंबर तक प्रदेश में 50 नवजात शिशु रक्षा इकाइयां खोलने की बात भी कही गयी।
मातृ-शिशु कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश के 67 प्रतिशत बच्चे टीकाकरण के दायरे में आ गए हैं, जो पिछले वर्ष के 61 प्रतिशत से अधिक है। अब नवजात शिशुओं की जान बचाने पर अधिक जोर दिया जा रहा है। इसके लिए इस वर्ष दिसंबर तक हर हाल में राज्य में 50 सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (नवजात शिशु रक्षा इकाइयां) स्थापित हो जाएंगी। वर्ष 2013 में इनकी संख्या सात थी, जो अब बढ़कर 27 हो चुकी हैं। इनसे चिकित्सकों को जोडऩे के लिए प्रोत्साहन भत्ता भी दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक अमित घोष ने बताया कि प्रदेश में इस समय मरीजों के उत्कृष्ट इलाज के लिए 192 फस्र्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 300 की जानी है। राज्य सरकार के बजट से 102 डॉयल सेवा की 500 अतिरिक्त एंबुलेंस चलाने की भी योजना है। भारत सरकार के संयुक्त सचिव राकेश कुमार ने कहा कि प्रदेश में नवजात शिशु व मातृ मृत्युदर, सकल प्रजनन दर एवं टीकाकरण से छूटे बच्चों का प्रतिशत अत्याधिकहै। साथ ही डायरिया एवं निमोनिया के कारण बच्चों में हो रहे मृत्युदर भी अत्याधिक है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की मृत्यु दर कम करने के लिए गंभीर (हाई रिस्क) गर्भावस्था की पहचान, उनका समय पर अस्पताल पहुंचाना व समय पर इलाज सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को लेकर संकल्पबद्ध है और इसके लिए सकारात्मक कोशिशें हो रही हैं।
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मिलेंगे 25 हजार तक ज्यादा
नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहन भत्ते का भी निर्धारण कर दिया गया है। इसके अंतर्गत नवजात शिशु रक्षा इकाइयों में तैनात होने वाले सरकारी सेवारत बाल रोग विशेषज्ञों को 25 हजार व एमबीबीएस चिकित्सकों को 15 हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इसी तरह संविदा पर नियुक्त होने वाले बाल रोग विशेषज्ञों को 25 हजार व एमबीबीएस चिकित्सकों को 20 हजार रुपये अतिरिक्त दिये जाएंगे।

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